आज के समय में UPI डिजिटल भुगतान का सबसे आसान और लोकप्रिय माध्यम बन चुका है। देश के करोड़ों लोग रोजाना छोटे-बड़े ट्रांजैक्शन के लिए इसका उपयोग करते हैं। इसी बीच सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि ₹2000 से अधिक के हर UPI भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज लगेगा। इस खबर ने लोगों में चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन सच्चाई इससे अलग है।

वायरल खबर में क्या है भ्रम
सोशल मीडिया पर फैल रही जानकारी में यह कहा जा रहा है कि अब हर बड़ा UPI ट्रांजैक्शन महंगा हो जाएगा। जबकि असल में ऐसा कोई नियम आम उपभोक्ताओं के लिए लागू नहीं किया गया है। अधिकतर मामलों में बैंक से बैंक के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर पहले की तरह ही मुफ्त हैं। इस भ्रम की मुख्य वजह लोगों द्वारा कुछ तकनीकी शब्दों को गलत तरीके से समझना है।
मर्चेंट इंटरचेंज फीस क्या है
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने एक नियम लागू किया है, जो खास तौर पर प्रीपेड वॉलेट के जरिए किए गए भुगतान से जुड़ा है। जब कोई ग्राहक वॉलेट के माध्यम से ₹2000 से अधिक की राशि किसी व्यापारी को देता है, तो उस पर 1.1 प्रतिशत तक का इंटरचेंज चार्ज लागू होता है। लेकिन यह शुल्क ग्राहक से नहीं लिया जाता, बल्कि व्यापारी द्वारा वहन किया जाता है।
बैंक से बैंक UPI ट्रांसफर पर कोई शुल्क नहीं