आज के समय में एलपीजी गैस हर भारतीय घर की जरूरत बन चुकी है। सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक अधिकतर परिवार खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर पर निर्भर रहते हैं। यही कारण है कि गैस सिलेंडर की कीमतों में थोड़ा सा बदलाव भी सीधे लोगों के मासिक बजट पर असर डालता है। बढ़ती महंगाई के दौर में लोग खासतौर पर गैस के दामों पर नजर बनाए रखते हैं, क्योंकि यह रोजमर्रा के खर्च का एक अहम हिस्सा है।
14.2 किलो घरेलू गैस सिलेंडर के नए रेट जारी- यहाँ देखे
गैस की कीमतें कैसे तय होती हैं
भारत में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें सरकारी तेल कंपनियों द्वारा तय की जाती हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां इसमें प्रमुख भूमिका निभाती हैं। आमतौर पर हर महीने की शुरुआत में इन कीमतों की समीक्षा की जाती है और जरूरत पड़ने पर बदलाव किया जाता है। गैस की कीमतें कई आर्थिक कारकों पर निर्भर करती हैं, जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और परिवहन लागत।
घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर में अंतर
एलपीजी सिलेंडर मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं। घरेलू सिलेंडर का उपयोग घरों में खाना बनाने के लिए किया जाता है, जबकि व्यावसायिक सिलेंडर का उपयोग होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में होता है। घरेलू गैस सिलेंडर पर सरकार कुछ हद तक सब्सिडी देती है, जिससे इसकी कीमत कम रहती है। वहीं व्यावसायिक सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं मिलती, इसलिए इसकी कीमत ज्यादा होती है।
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शहरों के अनुसार कीमतों में अंतर