आजकल रसोई का बजट काफी हद तक एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत पर निर्भर करता है। मार्च 26, 2026 को जारी किए गए नए गैस रेट्स के कारण फिर से चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। अगर आप भी घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग करते हैं, तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि आपके शहर में अब सिलेंडर कितने रुपये में मिल रहा है और कीमतों में किस तरह का बदलाव आया है।

एलपीजी सिलेंडर की कीमतें कैसे तय होती हैं?
भारत में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं, जिनमें सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें होती हैं। जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो इसका सीधा असर गैस की कीमतों पर देखने को मिलता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी अहम भूमिका निभाती है। अगर रुपया कमजोर होता है तो आयात महंगा हो जाता है और इसका असर सिलेंडर की कीमतों पर पड़ता है।
सरकार की टैक्स नीति और सब्सिडी व्यवस्था भी एलपीजी की कीमतों को प्रभावित करती है। ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन खर्च भी इसमें शामिल होते हैं। इसलिए हर महीने गैस कंपनियां नई दरें जारी करती हैं और कई बार कीमतों में बदलाव किया जाता है।
प्रमुख शहरों में गैस सिलेंडर के नए रेट
मार्च 26, 2026 को घोषित किए गए नए रेट्स के अनुसार, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत कुछ शहरों में हल्के बदलाव के साथ आई है जबकि कई जगहों पर स्थिर रखी गई हैं। दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर लगभग 900 रुपये मिल रहा है जबकि मुंबई में इसकी कीमत करीब 910 रुपये बताई जा रही है। कोलकाता में यह लगभग 930 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि चेन्नई में इसकी कीमत करीब 918 रुपये के आसपास है। राज्यों में लगने वाले टैक्स के कारण इन कीमतों में थोड़ा फर्क हो सकता है, इसलिए आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अपने शहर की सटीक जानकारी चेक करना आवश्यक है।
घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों का अंतर
कई लोग अक्सर यह जानने के लिए उत्सुक होते हैं कि घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों के दाम अलग-अलग क्यों होते हैं। दरअसल, दोनों का उपयोग अलग उद्देश्य के लिए होता है। घरेलू सिलेंडर का वजन आमतौर पर 14.2 किलो होता है और इसका इस्तेमाल घरों में खाना बनाने के लिए किया जाता है। कुछ उपभोक्ताओं को सरकार से इस पर सब्सिडी भी मिलती है।
कमर्शियल सिलेंडर का वजन लगभग 19 किलो होता है और इसका इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और दुकानों आदि व्यवसायिक स्थानों पर किया जाता है। इस पर कोई सब्सिडी नहीं दी जाती, इसलिए इसकी कीमत घरेलू सिलेंडर से ज्यादा होती है। इसके अलावा कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें अधिक उतार-चढ़ाव देखती हैं।
सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी
एलपीजी उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार समय-समय पर सब्सिडी व्यवस्था लागू करती रहती है। खासकर उज्ज्वला योजना के तहत कई परिवारों को गैस सिलेंडर पर सब्सिडी मिलती रही है। अगर आपका गैस कनेक्शन बैंक खाते से लिंक किया गया है, तो सब्सिडी की राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। सब्सिडी पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं और सुनिश्चित करना होता कि सभी दस्तावेज सही तरीके से जुड़े हुए हों।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया था और इसमें बताए गए तथ्य समय-समय पर बदल सकते हैं। कृपया किसी वित्तीय निर्णय लेने से पहले संबंधित क्षेत्राधिकारियों या आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।